विश्व प्राथमिक उपचार दिवस – आंखों की प्राथमिक चिकित्सा

हर साल सितंबर के दूसरे शनिवार को विश्व प्राथमिक उपचार दिवस (World First Aid Day) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को प्राथमिक उपचार के महत्व के बारे में जागरूक करना है। अक्सर लोग प्राथमिक उपचार को केवल चोट, जलने या हार्ट अटैक जैसी स्थिति से जोड़ते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि आंखों की प्राथमिक चिकित्सा (First Aid for Eyes) भी उतनी ही जरूरी है। समय पर दिया गया प्राथमिक उपचार आंखों की रोशनी बचा सकता है।

भोपाल में मोतियाबिंद, रेटिना की समस्या, ड्राई आई, कॉर्निया इंफेक्शन और डायबिटिक आई डिज़ीज जैसी बीमारियां आम हैं। ऐसे में किसी भी इमरजेंसी स्थिति में सही प्राथमिक उपचार से मरीज की आंखें बचाई जा सकती हैं।


आंखों की प्राथमिक चिकित्सा क्या है?

आंखों की प्राथमिक चिकित्सा का मतलब है – तुरंत और सरल कदम उठाना ताकि नुकसान कम से कम । यह इलाज का विकल्प नहीं है, लेकिन तब तक मदद करता है जब तक आप विशेषज्ञ जैसे डॉ. सौरभ देशमुख (रेटिना, मोतियाबिंद, यूवाइटिस, ROP, न्यूरो-ऑफ्थाल्मोलॉजी विशेषज्ञ) और डॉ. कृति गुप्ता (कॉर्निया, मोतियाबिंद, लेसिक, ड्राई आई विशेषज्ञ) तक पहुंचें।


आम आंखों की इमरजेंसी और प्राथमिक उपचार

1. केमिकल चोट (Chemical Injury)

  • क्या करें?

    • तुरंत साफ पानी से आंख को 15–20 मिनट तक धोएं।

    • आंख न रगड़ें।

    • कॉन्टैक्ट लेंस हटा दें।

    • तुरंत आई स्पेशलिस्ट को दिखाएं।


2. आंख में धूल या कण (Foreign Body)

  • आंख न रगड़ें।

  • साफ पानी या सलाइन से धोएं।

  • आंख ढककर तुरंत आई हॉस्पिटल भोपाल जाएं।


3. चोट या ब्लंट ट्रॉमा (Eye Injury)

  • आंख पर दबाव न डालें।

  • पानी से न धोएं।

  • साफ कपड़े से हल्का कवर करें और तुरंत आई डॉक्टर से मिलें।


4. अचानक दृष्टि खोना (Sudden Vision Loss)


5. आंखों में तेज जलन या दर्द

  • आंखों में बार-बार ड्रॉप्स न डालें।

  • ठंडी सिकाई कर सकते हैं।

  • सही इलाज के लिए ऑफ्थाल्मोलॉजिस्ट से जांच कराएं।


भारत में जागरूकता की जरूरत

भारत में हर साल हजारों लोग आंखों की चोट और इमरजेंसी में सही प्राथमिक उपचार न मिलने से रोशनी खो देते हैं। इसलिए विश्व प्राथमिक उपचार दिवस जैसे दिन लोगों को जागरूक करने का बड़ा अवसर हैं।


भोपाल में डॉ. सौरभ देशमुख और डॉ. कृति गुप्ता की भूमिका

दोनों डॉक्टर न केवल इलाज करते हैं बल्कि मरीजों को शिक्षित भी करते हैं।

  • डॉ. सौरभ देशमुख – मोतियाबिंद, रेटिना, यूवाइटिस, ROP और न्यूरो-ऑफ्थाल्मोलॉजी विशेषज्ञ।

  • डॉ. कृति गुप्ता – कॉर्निया, मोतियाबिंद, लेसिक, ड्राई आई और ऑक्यूलर सरफेस डिज़ीज विशेषज्ञ।


इस विश्व प्राथमिक उपचार दिवस पर संकल्प लें कि हम आंखों की प्राथमिक चिकित्सा सीखेंगे और दूसरों को भी सिखाएंगे। यह किसी की रोशनी बचा सकता है।

📞 विशेषज्ञ से परामर्श के लिए: 7002310270
🌐 विज़िट करें: www.eyedoctorbhopal.in

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